कर्नाटक में घरों को केंद्र की पीएम सूर्य घर सब्सिडी मिलती है, राज्य कुछ अलग से नहीं देता। यहाँ का फ़्लैट टैरिफ़ और गृह ज्योति की मुफ़्त यूनिट हिसाब को बाक़ी राज्यों से ज़्यादा बदलते हैं। इस पेज पर पहले घर के सोलर का हिसाब है, फिर बिज़नेस के लिए ओपन एक्सेस फ़ीस।
एक नज़र में
- सब्सिडी: केंद्र से 3 kW पर ₹78,000। कर्नाटक अलग से कुछ नहीं देता।
- 10 kW तक के घर नेट मीटरिंग या ग्रॉस मीटरिंग चुन सकते हैं। नेट मीटरिंग में लगभग हमेशा ज़्यादा बचत होती है।
- हर kW साल में लगभग 1,460 यूनिट बनाता है, यानी महीने में करीब 120।
- अगर गृह ज्योति से आपका बिल पहले ही शून्य है, तो सोलर से बहुत कम बचत होगी।
कर्नाटक में घरों के लिए रूफटॉप सोलर
आपको बिजली कौन देता है
पाँच ESCOM घरों को बिजली देते हैं: बेंगलुरु के आसपास BESCOM, मंगलुरु के आसपास MESCOM, मैसूरु के आसपास CESC, हुब्बल्ली के आसपास HESCOM और कलबुर्गी के आसपास GESCOM। पहले राष्ट्रीय पीएम सूर्य घर पोर्टल पर आवेदन करें, फिर अपने ESCOM के रूफटॉप पोर्टल पर; BESCOM के लिए यह srtpv.bescom.org है।
सब्सिडी
सिर्फ़ केंद्र की सब्सिडी मिलती है: 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000 और 3 kW या ज़्यादा पर ₹78,000। कर्नाटक फ़िलहाल अलग से कुछ नहीं देता। पूरे स्लैब पीएम सूर्य घर गाइड में देखें।
नेट मीटरिंग या ग्रॉस मीटरिंग
1 से 10 kW तक के घर दोनों में से कोई भी चुन सकते हैं। नेट मीटरिंग में ग्रिड को भेजी यूनिट आपकी ली गई यूनिट में से घटती हैं, यानी हर यूनिट की क़ीमत आपके पूरे टैरिफ़ जितनी होती है। ग्रॉस मीटरिंग में पैनल की बनाई हर यूनिट तय रेट पर ESCOM को बिकती है और अपनी पूरी खपत का बिल आप सामान्य रेट पर भरते हैं।
| 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026 के बीच चालू सिस्टम | एक्सपोर्ट यूनिट का रेट (25 साल के लिए तय) |
|---|---|
| सब्सिडी नहीं ली | ₹3.86 |
| सब्सिडी के साथ, 2 kW तक | ₹2.30 |
| सब्सिडी के साथ, 2 से 3 kW | ₹2.48 |
| सब्सिडी के साथ, 3 kW से ऊपर | ₹2.93 |
ये रेट आपकी ₹6 से ₹6.70 प्रति यूनिट की ख़रीद से काफ़ी कम हैं, इसलिए अपनी बिजली ख़ुद इस्तेमाल करने वाले घर के लिए ग्रॉस मीटरिंग कम ही समझ में आती है।
आज आप प्रति यूनिट कितना देते हैं
पाँचों ESCOM घरों से एक ही फ़्लैट रेट लेते हैं: 2026-27 में ₹5.80 प्रति यूनिट, साथ में लगभग 35 पैसे पेंशन सरचार्ज और फ़िक्स्ड चार्ज। मई 2026 से BESCOM के ग्राहक 56 पैसे प्रति यूनिट ट्रू-अप भी देते हैं, तो बेंगलुरु का घर फ़िक्स्ड चार्ज से पहले करीब ₹6.70 प्रति यूनिट देता है।
गृह ज्योति और सोलर
गृह ज्योति में जो घर महीने में 200 यूनिट तक (अपने औसत के अंदर) ख़र्च करते हैं, वे ऊर्जा का कोई पैसा नहीं देते। अगर आप इनमें हैं, तो सोलर के लिए घटाने को बिल ही नहीं बचता। यही एक वजह है कि 2025 के बीच तक 2 लाख से ज़्यादा आवेदनों के बावजूद कर्नाटक में सिर्फ़ करीब 10,700 घरों ने पीएम सूर्य घर में सिस्टम लगाया। गृह ज्योति की सीमा से ऊपर वाले घरों के लिए सोलर फ़ायदे का है।
आपकी छत कितना बनाती है
PVGIS डेटा के हिसाब से कर्नाटक में दक्षिण की ओर लगा सिस्टम साल में हर kW पर लगभग 1,459 यूनिट बनाता है, जनवरी से मार्च में सबसे ज़्यादा और बारिश में सबसे कम। देखें अपने राज्य में यूनिट का महीनेवार अनुमान।
उदाहरण: बेंगलुरु का घर, महीने में 350 यूनिट
यह घर गृह ज्योति की सीमा से ऊपर है, इसलिए हर यूनिट के लगभग ₹6.70 देता है। 3 kW सिस्टम महीने में लगभग 365 यूनिट बनाता है, जो इसकी खपत पूरी कर देता है।
| नेट मीटरिंग | ग्रॉस मीटरिंग | |
|---|---|---|
| सोलर यूनिट की क़ीमत | लगभग ₹6.70 प्रति यूनिट, बिल में घटकर | ₹2.48 प्रति यूनिट, BESCOM देता है |
| सालाना बचत | लगभग ₹28,000 | लगभग ₹10,900 |
| ₹1.52–1.62 लाख की वापसी | लगभग 5.5 साल | लगभग 14 साल |
वही छत, वही पैनल, पर नतीजा बिल्कुल अलग। जब तक कोई ठोस वजह न हो, इंस्टॉलर से नेट मीटरिंग के लिए ही आवेदन करवाएँ।
कर्नाटक में बिज़नेस के लिए ओपन एक्सेस सोलर
जिन बिज़नेस का कॉन्ट्रैक्ट लोड 100 kW या ज़्यादा है, वे ओपन एक्सेस से राज्य में कहीं और लगे प्लांट से सोलर बिजली ख़रीद सकते हैं। असली क़ीमत नीचे दी गई ग्रिड फ़ीस से तय होती है।
| फ़ीस | राशि |
|---|---|
| ग्रिड इस्तेमाल फ़ीस (व्हीलिंग) | ₹0.29/यूनिट |
| ट्रांसमिशन फ़ीस | अभी सत्यापित नहीं |
| क्रॉस-सब्सिडी फ़ीस (CSS) | ₹0.60/यूनिट |
| DISCOM की अतिरिक्त फ़ीस (अतिरिक्त सरचार्ज) | ₹0.40/यूनिट |
| अन्य छोटी फ़ीस (SLDC आदि) | अभी सत्यापित नहीं |
| रास्ते में खोने वाली बिजली | अभी सत्यापित नहीं |
| बिजली बचाने की फ़ीस (बैंकिंग) | 4% |
ये फ़ीस कैलकुलेटर में इस्तेमाल करें
कर्नाटक ओपन एक्सेस सोलर के लिए सबसे सस्ते राज्यों में से एक है और 2025 में यहाँ इंस्टॉलेशन साल-दर-साल 70% बढ़े, कम व्हीलिंग चार्ज और नए KERC रेगुलेशन की मदद से।
बैंकिंग और रेगुलेशन
कर्नाटक हाई कोर्ट के केंद्रीय GEOA नियम 2022 रद्द करने के बाद, कोर्ट ने निर्देश दिया कि नए रेगुलेशन लागू होने तक ग्राहकों को 4% भुगतान पर मासिक बैंकिंग मिलेगी। इसके बाद KERC ने ओपन एक्सेस रेगुलेशन 2025 जारी किए। ₹0.40/kWh का अतिरिक्त सरचार्ज मार्च 2026 से लागू है।
ट्रांसमिशन चार्ज और लॉस प्रतिशत हमारे स्रोतों में नहीं थे, इसलिए उन्हें सत्यापित नहीं लिखा गया है। इन्हें KERC के मौजूदा आदेश से लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कर्नाटक रूफटॉप सोलर पर राज्य सब्सिडी देता है?
नहीं। कर्नाटक के घरों को सिर्फ़ केंद्र की पीएम सूर्य घर सब्सिडी मिलती है, 3 kW पर ₹78,000 तक।
क्या कर्नाटक में घरों के लिए नेट मीटरिंग है?
हाँ। 1 से 10 kW तक के घर नेट मीटरिंग या ग्रॉस मीटरिंग चुन सकते हैं। नेट मीटरिंग में एक्सपोर्ट यूनिट की क़ीमत आपके अपने टैरिफ़ जितनी होती है, इसलिए बचत आमतौर पर कहीं ज़्यादा होती है।
BESCOM सोलर यूनिट का कितना देता है?
जुलाई 2025 से जून 2026 के बीच चालू घरेलू सिस्टम के लिए बिना सब्सिडी ₹3.86 प्रति यूनिट और सब्सिडी के साथ ₹2.30 से ₹2.93, 25 साल के लिए तय। नए सिस्टम को कम रेट मिल सकता है।
गृह ज्योति में मुफ़्त यूनिट मिलती हैं, तो क्या सोलर फ़ायदे का है?
आमतौर पर नहीं। अगर गृह ज्योति से आपकी खपत पूरी हो जाती है, तो सोलर के लिए घटाने को बहुत कम बिल बचता है।