आपके घर का सोलर हिसाब
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी घर का बिल 300 यूनिट के लिए ₹2,500 आता है। यानी ₹8.33 प्रति यूनिट। 1 kW सोलर महीने में लगभग 120 यूनिट बनाता है, तो इस घर को 2.5 kW का सिस्टम चाहिए, जिसके लिए लगभग 250 sq ft छाया-रहित छत लगेगी। 2.5 kW सिस्टम लगवाने का आम ख़र्च ₹2.05 से ₹2.15 लाख है। ₹69,000 की PM सूर्य घर सब्सिडी के बाद यह ₹1.36 से ₹1.46 लाख रह जाता है। बिल में साल भर में लगभग ₹30,000 बचते हैं, तो पैसा 4.5 से 4.9 साल में वापस आ जाता है।
कैलकुलेटर में अपना राज्य चुनें तो आँकड़े बदल जाते हैं। वही 300 यूनिट राजस्थान में 2.5 kW से पूरी हो जाती हैं, लेकिन सिक्किम में 3.5 kW चाहिए, क्योंकि वहाँ धूप कम है। वहाँ पहाड़ी राज्यों वाली ज़्यादा सब्सिडी भी मिलती है।
कैलकुलेटर कैसे हिसाब लगाता है
- बिल को यूनिट से भाग देने पर आज की प्रति यूनिट लागत निकलती है। हर सोलर यूनिट इतना ही बचाती है।
- महीने की यूनिट को आपके राज्य में 1 kW के उत्पादन से भाग देने पर साइज़ निकलता है, जिसे अगले आधे kW तक बढ़ाया जाता है। पूरे भारत में औसतन 1 kW महीने में लगभग 120 यूनिट बनाता है। छत का एरिया डालें तो साइज़ 100 sq ft प्रति kW से ज़्यादा नहीं होगा।
- इंस्टॉलेशन की क़ीमत 2026 की प्रकाशित रेंज से ली गई है। इंस्टॉलर का कोटेशन डालें तो रेंज की जगह एक नंबर दिखेगा।
- सब्सिडी आपके राज्य के लिए PM सूर्य घर के नियमों से निकलती है। पैसा वापसी का समय = सब्सिडी के बाद की लागत ÷ साल भर की बिल बचत।
2026 में घर का सोलर कितने का पड़ता है
| सिस्टम | इंस्टॉलेशन क़ीमत | केंद्र की सब्सिडी | सब्सिडी के बाद | महीने की यूनिट |
|---|---|---|---|---|
| 1 kW | ₹1.2 लाख से ₹1.3 लाख | ₹30,000 | ₹0.9 लाख से ₹1 लाख | 120 |
| 2 kW | ₹1.8 लाख से ₹1.9 लाख | ₹60,000 | ₹1.2 लाख से ₹1.3 लाख | 240 |
| 3 kW | ₹2.3 लाख से ₹2.4 लाख | ₹78,000 | ₹1.52 लाख से ₹1.62 लाख | 360 |
3 kW से ऊपर सब्सिडी ₹78,000 पर रुक जाती है, इसलिए हर अतिरिक्त kW की पूरी क़ीमत आपको देनी होगी। अगर यूनिट इस्तेमाल होती हैं तो यह फिर भी फ़ायदेमंद है, लेकिन पहले छत और स्वीकृत लोड देख लें। आपके राज्य और साइज़ के लिए सही रक़म सब्सिडी कैलकुलेटर में देखें।
आपके बिजली रेट पर सोलर फ़ायदेमंद है या नहीं
प्रति यूनिट रेट जितना ज़्यादा, सोलर उतनी जल्दी पैसा लौटाता है। 3 kW सिस्टम, जो सब्सिडी के बाद लगभग ₹1.57 लाख का पड़ता है, और सारी 360 यूनिट घर में इस्तेमाल हों तो:
| आपका प्रति यूनिट रेट | साल की बचत | पैसा वापसी (साल) |
|---|---|---|
| ₹6 | ₹25,920 | 6.1 |
| ₹7 | ₹30,240 | 5.2 |
| ₹8 | ₹34,560 | 4.5 |
| ₹9 | ₹38,880 | 4.0 |
| ₹10 | ₹43,200 | 3.6 |
पैनल पर 25 से 30 साल की उत्पादन वारंटी मिलती है, इसलिए छह साल में पैसा लौटे तब भी लगभग दो दशक सस्ती बिजली मिलती है। रेट ₹5 से कम हो तो फ़ायदा कम है, और छोटा सिस्टम बेहतर हो सकता है।
साइन करने से पहले
- काम शुरू होने से पहले pmsuryaghar.gov.in पर अप्लाई करें और रजिस्टर्ड वेंडर चुनें।
- ALMM लिस्ट वाले DCR पैनल लिखित में माँगें। इनके बिना सब्सिडी का क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
- क़ीमत को पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर और नेट मीटर में बँटवा लें, ताकि कोटेशन की तुलना हो सके।
- देख लें कि स्वीकृत लोड कम से कम सिस्टम साइज़ जितना हो। कम हो तो DISCOM बढ़ा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
घर के लिए कितने kW का सोलर चाहिए?
किसी आम महीने की यूनिट को 120 से भाग दें। महीने में 300 यूनिट वाले घर को लगभग 2.5 kW और 450 यूनिट वाले घर को लगभग 4 kW चाहिए। ज़्यादा धूप वाले राज्यों में थोड़ा कम लगता है।
सब्सिडी के बाद 3 kW सोलर कितने का पड़ता है?
2026 में 3 kW रूफटॉप सिस्टम लगवाने का ख़र्च लगभग ₹2.30 से ₹2.40 लाख है। ₹78,000 की PM सूर्य घर सब्सिडी के बाद लगभग ₹1.52 से ₹1.62 लाख देने होते हैं।
घर का सोलर कितने साल में पैसा लौटाता है?
आमतौर पर चार से छह साल में। ₹8 प्रति यूनिट पर 3 kW सिस्टम लगभग साढ़े चार साल में, और ₹6 प्रति यूनिट पर लगभग छह साल में पैसा लौटाता है।
क्या इसमें नेट मीटरिंग गिनी गई है?
इसमें सिर्फ़ वही यूनिट गिनी हैं जो आप ख़ुद इस्तेमाल करते हैं। ग्रिड को भेजी अतिरिक्त यूनिट का क्रेडिट राज्य के नेट मीटरिंग नियम से मिलता है, जिससे पैसा और जल्दी लौटता है।
क्या EMI पर लगवा सकते हैं?
हाँ। PM सूर्य घर के तहत ₹2 लाख तक के लोन 5.75% सालाना से शुरू होते हैं। महीने की किस्त सोलर EMI कैलकुलेटर में देखें।
फ़ॉर्मूले और स्रोत हमारी गणना विधि पर देखें। सब्सिडी की पूरी प्रक्रिया के लिए पढ़ें PM सूर्य घर सब्सिडी 2026: कितनी मिलती है और कैसे लें।