सोलर के साथ आपकी प्रति यूनिट लागत
लैंडेड कॉस्ट कैसे बनती है
लैंडेड कॉस्ट वह क़ीमत है जो सोलर बिजली की एक यूनिट आपको ग्रिड की सारी फ़ीस के बाद मीटर तक पहुँचकर असल में पड़ती है।
डेवलपर का PPA टैरिफ़ सिर्फ़ पहली परत है। प्लांट और आपके मीटर के बीच राज्य आयोग के तय किए कई चार्ज लगते हैं, और कुछ यूनिट आप तक पहुँचती ही नहीं क्योंकि वे नेटवर्क में खो जाती हैं या बैंकिंग में कट जाती हैं। राज्य के हिसाब से ये चार्ज PPA टैरिफ़ पर आमतौर पर ₹1.50–3.50/kWh जोड़ देते हैं, इसीलिए एक ही कोटेशन किसी राज्य में बढ़िया और किसी में मामूली साबित होता है।
- व्हीलिंग चार्ज
- डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पर बिजली पहुँचाने के लिए DISCOM को दिया जाता है। ऊँचे वोल्टेज पर कनेक्शन से यह आमतौर पर कम होता है।
- ट्रांसमिशन चार्ज
- जब प्लांट ट्रांसमिशन वोल्टेज पर जुड़ता है तो राज्य की ट्रांसमिशन यूटिलिटी को दिया जाता है। दूसरे राज्य से आने वाले प्रोजेक्ट्स ISTS चार्ज भी देते हैं; रिन्यूएबल के लिए ISTS छूट जून 2025 से धीरे-धीरे ख़त्म हो रही है।
- क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज (CSS)
- आपका टैरिफ़ जिस सब्सिडी का भार उठा रहा था, उसकी भरपाई DISCOM को करता है। आमतौर पर यह सबसे बड़ा और सबसे ज़्यादा बदलने वाला चार्ज है।
- अतिरिक्त सरचार्ज
- आपको बिजली देने के लिए DISCOM ने जो बिजली ख़रीद अनुबंध किए थे, उनकी फ़िक्स्ड लागत वसूलता है।
- लॉस और बैंकिंग
- ट्रांसमिशन और व्हीलिंग में खोई ऊर्जा, और दिन की अतिरिक्त यूनिट्स को बाद के लिए बैंक करने पर कटने वाला हिस्सा।
फ़ॉर्मूला
ग्रुप कैप्टिव लैंडेड कॉस्ट = असली सोलर क़ीमत + व्हीलिंग + ट्रांसमिशन + SLDC/अन्य
थर्ड-पार्टी लैंडेड कॉस्ट = ग्रुप कैप्टिव लैंडेड कॉस्ट + CSS + अतिरिक्त सरचार्ज
तय नहीं कर पा रहे कि कौन-सा स्ट्रक्चर सही है? ग्रुप कैप्टिव बनाम थर्ड-पार्टी PPA गाइड पढ़ें, या देखें हमने आपके राज्य के लिए क्या सत्यापित किया है.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ओपन एक्सेस सोलर की लैंडेड कॉस्ट क्या होती है?
यह वह प्रति यूनिट क़ीमत है जो आप असल में अपने मीटर पर चुकाते हैं: PPA टैरिफ़, व्हीलिंग और ट्रांसमिशन चार्ज, जहाँ लागू हो वहाँ क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज और अतिरिक्त सरचार्ज, शेड्यूलिंग फ़ीस, और ट्रांसमिशन व बैंकिंग में खोई यूनिट्स की लागत।
ग्रुप कैप्टिव थर्ड-पार्टी PPA से सस्ता क्यों पड़ता है?
Electricity Act 2003 की धारा 42(2) के तहत कैप्टिव और ग्रुप कैप्टिव ग्राहकों को क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज और अतिरिक्त सरचार्ज से छूट मिलती है। इसके लिए ग्राहकों के पास प्लांट में कम से कम 26% इक्विटी होनी चाहिए और उन्हें उसके उत्पादन का कम से कम 51% इस्तेमाल करना होता है। ओडिशा और राजस्थान ने कैप्टिव प्रोजेक्ट्स पर भी CSS लगाया है, इसलिए अपने राज्य का आदेश ज़रूर देखें।
ओपन एक्सेस सोलर कौन ख़रीद सकता है?
ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस नियमों के तहत रिन्यूएबल ओपन एक्सेस के लिए न्यूनतम 100 kW कॉन्ट्रैक्टेड लोड चाहिए, हालाँकि राज्य के नियम और अदालती फ़ैसले इसके लागू होने के तरीक़े पर असर डालते हैं।
यह कैलकुलेटर कितना सटीक है?
आप जो चार्ज डालते हैं, उन पर गणना बिल्कुल सटीक है। रेफ़रेंस आँकड़ों के साथ तारीख़ और स्रोत दिए गए हैं, लेकिन राज्यों के चार्ज टैरिफ़ आदेशों और अदालती फ़ैसलों से बदलते रहते हैं। PPA साइन करने से पहले हर आँकड़ा अपने DISCOM और वोल्टेज लेवल के मौजूदा आदेश से मिलाएँ।
इस कैलकुलेटर के फ़ॉर्मूले और स्रोत हमारी गणना विधि पर हैं।