A
- AC और DC चार्जिंग
घर के चार्जर AC और धीमे होते हैं; पब्लिक फ़ास्ट चार्जर DC होते हैं और प्रति यूनिट लगभग तीन गुना महँगे।
- Accelerated depreciation (तेज़ मूल्यह्रास)
सोलर सिस्टम की लागत के 40% की पहले साल टैक्स छूट, जिससे मालिक बिज़नेस का पैसा जल्दी वापस आता है।
D
- DCR पैनल और ALMM
पैनल की वो दो जाँच जिनसे तय होता है कि घर का रूफटॉप सिस्टम PM सूर्य घर सब्सिडी के लायक़ है या नहीं।
- DISCOM और SERC
आपकी बिजली वितरण कंपनी, और राज्य का वह आयोग जो उसके टैरिफ़ और आपकी ग्रिड फ़ीस तय करता है।
R
- RESCO (OPEX) बनाम CAPEX
रूफटॉप सोलर के दो तरीक़े: बिना शुरुआती ख़र्च के प्रति यूनिट भुगतान, या सिस्टम ख़रीदकर मालिक बनना।
ओ
- ओपन एक्सेस
अपनी पसंद के सोलर या विंड प्लांट से बिजली ख़रीदना और उसे ग्रिड से पाना।
क
- क्रॉस-सब्सिडी सरचार्ज और अतिरिक्त सरचार्ज
ओपन एक्सेस सोलर की दो सबसे बड़ी फ़ीस, जो DISCOM आपके स्विच करने से हुए नुक़सान के लिए लेता है।
ग
- ग्रुप कैप्टिव
सोलर प्लांट में कम से कम 26% हिस्सेदारी और उसकी 51% बिजली का इस्तेमाल, जिससे दो बड़ी ग्रिड फ़ीस हट जाती हैं।
थ
- थर्ड-पार्टी PPA
डेवलपर से सोलर बिजली ख़रीदने का लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट, बिना अपने निवेश के।
न
- नेट मीटरिंग
दोतरफ़ा मीटर जो ग्रिड को भेजी गई सोलर यूनिट का क्रेडिट, ग्रिड से ली गई यूनिट में घटा देता है।
ब
- बैंकिंग
दिन की अतिरिक्त सोलर बिजली ग्रिड में जमा करना और बाद में वापस लेना, एक फ़ीस के साथ।
ल
- लैंडेड कॉस्ट
सोलर बिजली की एक यूनिट ग्रिड की सारी फ़ीस जोड़कर मीटर तक असल में कितने की पड़ती है।
व
- व्हीलिंग और ट्रांसमिशन चार्ज
सोलर बिजली को ग्रिड से आप तक पहुँचाने की फ़ीस, और साथ में लगने वाले छोटे शेड्यूलिंग चार्ज।